धर्मांतरित लोगों को डीलिस्टिंग करने के लिए सड़क पर उतरे अनुसूचित जनजाति के लोग, राष्ट्रीय सदस्य बोले- संस्कृति का संरक्षण नहीं तो आरक्षण क्यों अनूपपुर में जनजाति सुरक्षा मंच का प्रदर्शन
धर्मांतरित लोगों को डीलिस्टिंग करने के लिए सड़क पर उतरे अनुसूचित जनजाति के लोग, राष्ट्रीय सदस्य बोले- संस्कृति का संरक्षण नहीं तो आरक्षण क्यों
अनूपपुर में जनजाति सुरक्षा मंच का प्रदर्शन
श्रीराम केवट अनूपपुर
जनजाति समाजजनों ने धर्मांतरण के बाद भी आरक्षण ले रहे लोगों को खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। जनजाति सुरक्षा मंच के राष्ट्रीय सदस्य नरेंद्र सिंह मरावी ने बताया कि जनजाति तबके के लोग धर्मांतरित होने के बाद आदिवासी संस्कृति का पालन नहीं कर रहे, जबकि संविधान की धारा 342 के तहत संस्कृति के संरक्षण के लिए ही आरक्षण दिया जाता है। धारा 342 में उल्लेख है कि जब आप अपने संस्कृति का संरक्षण करेंगे तभी आप को आरक्षण दिया जाएगा।
धर्मांतरित लोगों के आरक्षण के विरोध में जनजाति सुरक्षा मंच शुक्रवार को जिला मुख्यालय पर विशाल धरना प्रदर्शन किया। धर्मांतरित जनजातीय का आरक्षण समाप्त करने के लिए जनजाति समाज के धरना प्रदर्शन में खाद्य मंत्री बिसाहू लाल सिंह भी शामिल हुए। समाजजनों ने इंदिरा तिराहे से रैली निकालकर शहर के प्रमुख मार्गों से होकर प्रदर्शन किया।
धारा 342 को भी किया जाना चाहिए संसोधित
सोहन सिंह ठाकुर ने कहा कि 2011 की जनगणना के अनुसार, हिंदुस्तान में करीब 10 करोड़ अनुसूचित जनजाति निवासरत हैं। एक अनुमान के मुताबिक अनुसूचित जनजाति के करीब 4 करोड़ लोगों ने धर्मांतरण कर चुके हैं। अब सिर्फ 6 करोड़ लो लोग ही बचे हैं।
उन्होंने कहा कि देश की नौकरियों में 80 प्रतिशत लोग धर्मांतरण कर नौकरी कर रहे हैं। प्रदेश में नौकरियों 50 प्रतिशत लोग धर्मांतरण कर नौकरी कर रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जब राम मंदिर का मसला सुलझाया जा सकता हैं, धारा 370 हटाया जा सकता हैं और मुस्लिम समाज के बहनों के लिए तीन तलाक का कानून लाया जा सकता तो धारा 342 में भी संशोधन कर आदिवासियों का उत्थान किया जाए।
कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
आयोजन में मंत्री बिसाहूलाल सिंह, जैतपुर विधायक मनीषा सिंह, जयसिंहनगर विधायक जय सिंह मरावी, रामलाल रौतेल, रुपमती सिंह, भगत सिंह नेताम (बालाघाट), सोहन सिंह ठाकुर (कटनी), प्रकाश सिंह उईके, अर्जुन सिंह मरकाम सहित जिले भर के जनजातीय समुदायों के लोगों भी बड़ी संख्या में एकत्रित हुए।






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